वीडियो जानकारी:
शब्दयोग सत्संग
२२ अप्रैल २०१५,
अद्वैत बोधस्थल, नॉएडा
दोहा:
फरीदा काले मैडे कपड़े कला मैडा वेस |
गुनही भरिआ मै फिरा लोक कहै दरवेस ||
प्रसंग:
फरीद के अमूल्य वचनों को कैसे समझें?
मन आवरण पर ही क्यों केन्द्रित होता है?
ऊपर-ऊपर की तरफ ही मन क्यों अटका रहता है?